बाइनरी बनाम डिजिटल ऑप्शंस
"बाइनरी ऑप्शंस" शब्द धोखाधड़ी से जुड़ गया और कई देशों में प्रतिबंधित हुआ। कई प्लेटफ़ॉर्म ने उत्पाद के लिए "डिजिटल ऑप्शंस" या "फिक्स्ड-टाइम ट्रेडिंग" शब्द अपनाया, जिसका मूल तंत्र वही है: निश्चित रिटर्न के साथ ऊपर या नीचे का अनुमान।
नाम क्यों बदला
यह सिर्फ़ मार्केटिंग नहीं है। कई देशों के नियामकों ने फ़र्ज़ी प्लेटफ़ॉर्म के दुरुपयोग के कारण बाइनरी ऑप्शंस पर रोक या सीमा लगाई। गंभीर ब्रोकरों ने उत्पाद को नया रूप दिया और नियम सख्त किए। फिर भी इंस्ट्रूमेंट का जोखिम वही रहता है: अल्पकालिक और "सब कुछ या कुछ नहीं"।