खाता खोलें
होम › शब्दावली › डिजिटल ऑप्शंस

डिजिटल ऑप्शंस (फिक्स्ड-टाइम)

वह उत्पाद जिसने प्लेटफ़ॉर्म को प्रसिद्ध किया: सीमित जोखिम, निश्चित मुनाफ़ा — और तरीका क्यों ज़रूरी।

डिजिटल ऑप्शंस (फिक्स्ड-टाइम) क्या हैं

डिजिटल ऑप्शंस — जिन्हें फिक्स्ड-टाइम ट्रेडिंग भी कहते हैं — वही उत्पाद है जिसने ओलिंप ट्रेड को प्रसिद्ध किया। आप अनुमान लगाते हैं कि कीमत तय समय तक ऊपर जाएगी या नीचे। सही होने पर एक निश्चित भुगतान (जैसे लगाई रकम पर 80%) मिलता है; गलत होने पर ट्रेड की रकम चली जाती है।

शुरुआती लोग इसे क्यों पसंद करते हैं

खतरनाक पहलू

सरल होने के कारण ही डिजिटल ऑप्शन उन्हें आकर्षित करता है जो ट्रेडिंग को जुआ मानते हैं। हर ट्रेड "सब कुछ या कुछ नहीं" है: दिशा गलत तो रकम का 100% गया। जोखिम प्रबंधन और तरीके के बिना लंबे समय में नतीजा नकारात्मक रहता है।

⚠️
डिजिटल ऑप्शन आसान पैसे का पर्याय नहीं है। यह अल्पकालिक टूल है जिसमें किसी भी अन्य इंस्ट्रूमेंट जितना अध्ययन ज़रूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजिटल ऑप्शन और बाइनरी ऑप्शन एक ही हैं?
व्यवहार में अवधारणा समान है: निश्चित रिटर्न के साथ ऊपर या नीचे का अनुमान। प्लेटफ़ॉर्म फिक्स्ड-टाइम उत्पाद के लिए "डिजिटल ऑप्शंस" शब्द अपनाता है।
एक ट्रेड का मुनाफ़ा कितना है?
रिटर्न प्रतिशत एंट्री से पहले तय होता है और एसेट व बाज़ार स्थिति पर बदलता है, लोकप्रिय एसेट्स में लगभग 70% से 90% तक हो सकता है।

ओलिंप ट्रेड पर अपना खाता खोलें

$10,000 के डेमो खाते के साथ तेज़ रजिस्ट्रेशन। खाता खोलते ही आप ब्रोकर की शर्तों से सहमत होते हैं।

जोखिम चेतावनी: ट्रेडिंग में पूँजी खोने का जोखिम होता है। केवल वही पैसा लगाएँ जिसे खोना आप वहन कर सकें।