डिजिटल ऑप्शंस (फिक्स्ड-टाइम) क्या हैं
डिजिटल ऑप्शंस — जिन्हें फिक्स्ड-टाइम ट्रेडिंग भी कहते हैं — वही उत्पाद है जिसने ओलिंप ट्रेड को प्रसिद्ध किया। आप अनुमान लगाते हैं कि कीमत तय समय तक ऊपर जाएगी या नीचे। सही होने पर एक निश्चित भुगतान (जैसे लगाई रकम पर 80%) मिलता है; गलत होने पर ट्रेड की रकम चली जाती है।
शुरुआती लोग इसे क्यों पसंद करते हैं
- जोखिम ज्ञात और ट्रेड की रकम तक सीमित होता है
- संभावित मुनाफ़ा एंट्री से पहले दिख जाता है
- इसमें लीवरेज या मार्जिन कॉल नहीं होता
खतरनाक पहलू
सरल होने के कारण ही डिजिटल ऑप्शन उन्हें आकर्षित करता है जो ट्रेडिंग को जुआ मानते हैं। हर ट्रेड "सब कुछ या कुछ नहीं" है: दिशा गलत तो रकम का 100% गया। जोखिम प्रबंधन और तरीके के बिना लंबे समय में नतीजा नकारात्मक रहता है।